कनहर सिंचाई परियोजना की जन चौपाल में ग्रामीणों ने उठाईं समस्याएं, अधिकारियों ने दिया समाधान का भरोसा
मुआवजा और भूमि संबंधी समस्याएं प्रमुख रहीं
जन चौपाल में ग्रामीणों ने कनहर सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों की भूमि, मुआवजा, भूमि रजिस्ट्रेशन, मुआवजे की राशि में अंतर, लंबित भुगतान और अन्य पुनर्वास संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि प्रभावित लोगों को उनके अधिकारों और मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा जिन मामलों में भुगतान या प्रक्रिया लंबित है, उनका शीघ्र निस्तारण कराया जाए।ग्रामीणों ने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि उनकी भूमि का मुआवजा किस आधार पर निर्धारित किया गया है और यदि किसी प्रभावित परिवार को निर्धारित मानक से कम मुआवजा मिला है तो उसकी शिकायत कहां और किस अधिकारी के समक्ष की जा सकती है।गांव की समस्या, गांव में समाधान पर जोरजन चौपाल का मुख्य उद्देश्य “गांव की समस्या, गांव में समाधान” की भावना के साथ ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों की बात सुनते हुए संबंधित समस्याओं को नियमानुसार निस्तारित करने का आश्वासन दिया।ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की जन चौपाल नियमित रूप से आयोजित होने से परियोजना प्रभावित लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और विभागीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।जन चौपाल में सोबरन भारती, दशई राम, सुग्रीव पासवान, विनोद, प्रदीप, सरजू भुइंया, देव कुमार, भगवान, वार्ता, अशोक, निरंजन सोनी, कृपा शंकर कुशवाहा, अवध, वीरेन्द्र गुप्ता, सुमन, इस्लाम, सुरेन्द्र प्रसाद, विनोद कुमार वर्मा, कृष्णानंद, नंदलाल, राहुल यादव, मुन्ना यादव, बालदेव यादव, धर्मेंद्र, सुरेश प्रसाद और प्रेम चंद्र गुप्ता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों ने अधिकारियों का ध्यान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। जन चौपाल के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि उठाए गए मामलों पर विभाग द्वारा जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
