विजयगढ़ किला निरीक्षण के बाद आदिवासी समाज में आक्रोश, संरक्षण की उठी मांग

सोनभद्र। जनपद में स्थित प्राचीन विजयगढ़ किला का आज 01 मार्च 2026 को गोंड समुदाय के बुद्धिजीवियों एवं प्रबुद्ध जनों ने निरीक्षण कर ऐतिहासिक धरोहर पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह किला आदिवासी गोंड राजा विजयपाल सोरी से जुड़ा हुआ बताया जाता है और गोंड समाज की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
निरीक्षण के दौरान चट्टानों पर गोंडी लिपि में अंकित लेख, प्राचीन शिलालेख तथा बाघ और हाथी के चित्रों की नक्काशी देखी गई। समुदाय के लोगों का कहना है कि ये चिन्ह गोंड आदिवासियों के देव-प्रतीक एवं सांस्कृतिक स्मृति चिह्न हैं, जो आज भी किले की दीवारों और शिलाओं पर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि किले के संरक्षण की दिशा में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा का शिकार हो रही है। साथ ही, वहां अतिक्रमण की स्थिति को लेकर भी समुदाय में नाराजगी व्यक्त की गई।
एडवाकेट संतोष सिंह गोंड ने कहा कि यदि जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच नहीं करता और अतिक्रमण नहीं हटाया जाता, तो आदिवासी समाज संगठित होकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही विभिन्न स्थानों पर बैठक कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इस अवसर पर एडवाकेट सुखदेव सिंह पोया, रामनारेश सिंह पोया, रामरतन केराम, अमरसिंह मरकाम सहित अनेक आदिवासी प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
गोंड समुदाय ने विजयगढ़ किले को संरक्षित ऐतिहासिक धरोहर घोषित कर उसके संरक्षण और सुरक्षा की मांग की
