विंढमगंज स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर उठे तीखे सवाल, जनहित की अनदेखी का आरोप

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विंढमगंज स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर उठे तीखे सवाल, जनहित की अनदेखी का आरोप
विंढमगंज (सोनभद्र)।
विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर रांची–चोपन एक्सप्रेस (18631/18632) एवं स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12873/12874) के अप/डाउन ठहराव की मांग को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। बावजूद इसके कि स्टेशन सभी आवश्यक मानकों को पूरा करता है, रेलवे अधिकारियों द्वारा अब तक ठहराव स्वीकृत नहीं किए जाने से जनता में रोष व्याप्त है।
इस संबंध में मिर्ज़ापुर निवासी रामशकल द्वारा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर जनहित में दोनों ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है। पत्र में बताया गया है कि विंढमगंज रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश–झारखंड की सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए यात्रा करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसदों, समाजसेवियों एवं रेलवे परामर्श समिति के सदस्यों द्वारा कई बार ज्ञापन एवं आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। यह स्थिति क्षेत्रवासियों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है कि आखिर जब सभी तकनीकी व यात्री सुविधा से जुड़े मानक विंढमगंज स्टेशन पर पूरे हैं, तो ठहराव देने में देरी क्यों की जा रही है।
पत्र में उल्लेख है कि स्टेशन चार थानों से घिरा हुआ है, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही यह आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल इलाका है, जहां के लोगों को रांची, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ व चोपन जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए इन ट्रेनों की नितांत आवश्यकता है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बार-बार मांग और सभी मानकों की पूर्ति के बावजूद ठहराव न दिया जाना जनहित की उपेक्षा है। अब आम जनता रेलवे प्रशासन से स्पष्ट जवाब और शीघ्र निर्णय की अपेक्षा कर रही है।

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